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मनोविज्ञान, शिक्षा मनोविज्ञान,अर्थ, क्षेत्र, प्रकृति, महत्व Notes PDF

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मनोविज्ञान, शिक्षा मनोविज्ञान, परिभाषाएं, क्षेत्र, प्रकृति, महत्व Notes PDF

मनोविज्ञान (Psychology) क्या है, मनोविज्ञान का अर्थ  :-

मनोविज्ञान सीखने से संबंधित मानव विकास के कैसे की व्याख्या करता है शिक्षा सीखने के क्या को प्रदान करने की चेष्टा करती है। 

मनोविज्ञान को अंग्रेजी में साइकोलॉजी  कहते हैं साइकोलॉजी शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा के दो शब्द साइकी तथा लोगस शब्द से मिलकर हुई है। साइकी शब्द का अर्थ है आत्मा तथा लोगस  शब्द का अर्थ है अध्ययन। 

  • Psychology शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग रुडोल्फ गोयकल ने किया।
  • मनोविज्ञान के जनक विलियम जेम्स को माना जाता है।
  • प्रयोगात्मक मनोविज्ञान के जनक विल्लियम वुण्ट हैं।
  • शिक्षा मनोविज्ञान के जनक थार्नडाइक हैं।

मनोविज्ञान के अर्थ में हुए परिवर्तन :-

मनोविज्ञान आत्मा का विज्ञान
मनोविज्ञान मन या मस्तिष्क का विज्ञान
मनोविज्ञान चेतना का विज्ञान
मनोविज्ञान व्यवहार एवं अनुभूति का विज्ञान

मनोविज्ञान के क्षेत्र :-

1.सामान्य मनोविज्ञान
2. असामान्य मनोविज्ञान
3. प्रयोगात्मक मनोविज्ञान
4. तुलनात्मक मनोविज्ञान
5. औद्योगिक मनोविज्ञान
6. समाज मनोविज्ञान
7. बाल मनोविज्ञान
8. किशोर मनोविज्ञान
9. प्रौढ़ मनोविज्ञान
10. विकासात्मक मनोविज्ञान
11. पशु मनोविज्ञान
12. परा मनोविज्ञान
13. निदानात्मक / उपचारात्मक मनोविज्ञान
14. शिक्षा मनोविज्ञान 


शिक्षा का अर्थ :-

शिक्षा शब्द के लिए अंग्रेजी में एजुकेशन शब्द का प्रयोग किया जाता है एजुकेशन शब्द लैटिन भाषा के एजुकेटम शब्द से विकसित हुआ है तथा एजुकेटम शब्द ए तथा ड्यूको शब्द से मिलकर बना है ए का अर्थ है अंदर से ड्यूको का अर्थ है आगे बढ़ाना अतः ऐजुकेशन शब्द का अर्थ है अंदर से आगे बढ़ाना। 


शिक्षा मनोविज्ञान :-

शिक्षा मनोविज्ञान दो शब्दों के सहयोग से मिलकर बना है- शिक्षा तथा मनोविज्ञान
शिक्षा का संबंध मानव व्यवहार के परिमार्जन से होता है जबकि मनोविज्ञान का संबंध व्यवहार के अध्ययन से होता है। 

शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति एवं कार्य क्षेत्र :-

शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति को हम निम्नलिखित बिंदुओं से समझ सकते हैं-

1. इसमें नियमों एवं सिद्धांतों का प्रयोग किया जाता है। 
2. यह एक व्यवहारिक-विधायक विज्ञान है। 
3. शिक्षा मनोविज्ञान सदैव सत्य की खोज में रहता है। 
4. शिक्षा मनोविज्ञान का संबंध अतीत की अपेक्षा वर्तमान की घटनाओं के क्या और क्यों से होता है। 
5. इसके सिद्धांत सार्वभौमिक होते हैं। 
6. इसके सभी सिद्धांतों का पुष्टिकरण किया जा सकता है। 
7. अकारात्मक विज्ञान की अपेक्षा यह एक सकारात्मक विज्ञान है यह शिक्षा के कैसे कब और कहां जैसे प्रश्नों के उत्तर पर ध्यान केंद्रित करता है।


बालक के लिए शिक्षा मनोविज्ञान का महत्व :-

1. शिक्षा मनोविज्ञान की सहायता से बालक को वंशानुक्रम और वातावरण के महत्व का ज्ञान होता है। 
2. बालक को सीखने, स्मरण करने, तर्क करने, विचार करने आदि मानसिक क्रियाओं का ज्ञान होता है जिससे वह इन मानसिक क्रियाओं को सुधारने का और आगे बढ़ने का प्रयास भी करता है। 
3. मनोवैज्ञानिक परीक्षणों द्वारा बालक को उसकी योग्यता एवं क्षमताओं का ज्ञान होता है। 
4. बालक को स्वयं के मूल्यांकन और मापन की विधियों का ज्ञान मनोविज्ञान की सहायता से हो जाता है। 
5. बालक को उसकी रुचियों और मूल प्रवृत्तियों का ज्ञान मनोविज्ञान की सहायता से होता है. कोई भी व्यवहार उसकी रूचि एवं मूल प्रवृत्ति के अनुसार होता है. इस प्रकार के अपने व्यवहार में नियंत्रण भी कर सकता है। 



शिक्षक के लिए शिक्षा मनोविज्ञान का महत्व :-

1. किसी कार्य के लिए कुशल व्यक्ति ही कार्य में सफल हो सकता है शिक्षा मनोविज्ञान की सहायता से शिक्षक अपने स्वभाव, बुद्धि स्तर, व्यवहार, योग्यता आदि का ज्ञान प्राप्त करता है। 
2. शिक्षा मनोविज्ञान के अध्ययन से शिक्षक को बालक के विकास की विभिन्न अवस्थाओं का ज्ञान प्राप्त होता है।
3. शिक्षा मनोविज्ञान की सहायता से शिक्षक बालक के स्वभाव और व्यवहार के बारे में ज्ञान प्राप्त करता है इन दोनों बातों का आधार बालक की मूल प्रवृत्तिया और संवेग है।  शिक्षक मनोविज्ञान की सहायता से बालक की मूल प्रवृत्तियों और संवेगो का ज्ञान प्राप्त करता है और वह इनका उत्तम शिक्षण एवं निर्देशन में सफल प्रयोग करता है। 
4. शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षा को उन विधियों का ज्ञान कराता है जिनकी सहायता से वह छात्रों में नैतिक गुणों का विकास कर सकता है। 
5. बालकों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य है।  शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षक को पूर्ण विधियों का ज्ञान कराता है जिनके प्रयोग से बालक के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास संभव है। 
6. शिक्षा मनोविज्ञान के ज्ञान के द्वारा शिक्षक प्रेम व सहानुभूति से अनुशासन स्थापित करने का प्रयास करता है।
7. शिक्षक की सफलता छात्रों की प्रगति पर निर्भर करती है।  शिक्षा मनोविज्ञान मूल्यांकन की ऐसी विधियों का ज्ञान कराता है जिनकी सहायता से शिक्षक छात्रों की प्रगति के माध्यम से अपना मूल्यांकन कर सकता है। 


शिक्षण अधिगम में मनोविज्ञान का महत्व :-

1. पाठ्यक्रम के निर्माण में सहायक
2. शिक्षण उद्देश्यों की प्राप्ति में सहायक
3. समय सारणी के निर्माण में सहायक
4. विद्यालय वातावरण को उपयुक्त बनाने में सहायक
5. पाठ्य सहगामी क्रियाओं पर विशेष बल
6. विद्यार्थी बालक शिक्षक संबंध
7. शैक्षिक चिंतन के नूतन आयाम 
8. व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास
9. असामान्य बालकों में सुधार


विद्यालय प्रभावशीलता में मनोविज्ञान का महत्व :-

1. छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उचित शिक्षण विधियों व पाठ्य सहगामी क्रियाओं का आयोजन किया जाता है। 
2. मनोविज्ञान के समावेश के कारण आज विद्यालय में बालकों को करके सीखने के लिए प्रेरित किया जाता है। 
3. अभिभावक एवं विद्यालय के मध्य सकारात्मक माहौल होता है। 
4. मनोविज्ञान ने विद्यालय में शिक्षक हुए शिक्षार्थी संबंधों की परिभाषा बदल दी है। 
5. प्रणाली उपागम के द्वारा विद्यालय की समस्याओं का वैज्ञानिक ढंग से समाधान किया जाता है। 
6. मनोविज्ञान विद्यालय में सौहार्दपूर्ण, सहयोगी व सहानुभूति पूर्ण वातावरण उत्पन्न करने में सहायक है। 
7. बालकों के सर्वागीण विकास में आज विद्यालय अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। 
8. आज शिक्षक तानाशाही न होकर बालक का मित्र वह पथ प्रदर्शक होता है।

शिक्षा मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर :-

1. मुझे एक दर्जन स्वस्थ बच्चे दीजिए मैं उन्हें डॉक्टर, जज, अध्यापक, भीखमंगे और यहां तक कि मैं उन्हें चोर भी बना सकता हूं यह टिप्पणी किसने की थी-
A. हल 
B. जे.बी. वाटसन
C. गुथरी
D. युंग
Answer :- (जे.बी. वाटसन )


2. निम्नलिखित में से क्या उत्तम उपलब्धि परीक्षण की विशेषता नहीं है-
A. विश्वसनीयता
B. वस्तुनिष्ठता
C. अस्पष्टता
D. वैधता
Answer :- (अस्पष्टता)


3. व्यवहारवाद के जन्मदाता है-
A. वाटसन
B. थार्नडाइक
C. युंग
D. एस. फ्रायड 
Answer :- (वाटसन )


4. मनोविज्ञान, "शिक्षक को अनेक धारणाएं और सिद्धांत प्रदान करके उसकी उन्नति में योग देता है।" यह कथन किसका है-
A. क्रो एंड क्रो
B. कोलेस्निक 
C. ब्लेयर 
D. कुप्पूस्वामी
Answer :- (कुप्पूस्वामी)


5. शिक्षण अधिगम का केंद्र है-
A. शिक्षक
B. कक्षा-कक्ष
C. शिक्षार्थी
D. खेल का मैदान
Answer :- (शिक्षार्थी)


6. प्रभावशाली शिक्षण में निम्न में से कौन सी विशेषता आवश्यक नहीं है-
A. शिक्षक को विषय की जानकारी हो
B. आत्मविश्वास द्वारा शिक्षण
C. कक्षा-कक्ष व्यवस्थापन एवं शिक्षण विधि की अच्छी जानकारी
D. अंग्रेजी भाषा की अच्छी जानकारी
Answer :- (अंग्रेजी भाषा की अच्छी जानकारी)


7. शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षक की सहायता करती है-
A. विकास की विशेषताओं को समझने में
B. बालकों की समस्याओं को समझने में
C. व्यैक्तिक विभिन्नताओं को समझने में
D. उपरोक्त सभी
Answer :- (उपरोक्त सभी)


8. किसके अनुसार शिक्षा मनोविज्ञान शिक्षा का विज्ञान है-
A. पील
B. स्किनर
C. पिल्सबर्ग
D. ब्रूनर 
Answer :- (पील)


9. निम्न में से कौन सा शिक्षण सूत्र नहीं है-
A. ज्ञात से अज्ञात
B. विशिष्ट से सामान्य
C. सरल से जटिल
D. अंश से पूर्ण 
Answer :- (अंश से पूर्ण )


10. एक बालक अधिक सीखता है यदि उसे-
A. कंप्यूटर से पढ़ाया जाए
B. पाठ्य पुस्तक से पढ़ाया जाए
C. व्याख्यान विधि से पढ़ाया जाए
D. क्रिया विधि से पढ़ाया जाए
Answer :- (क्रिया विधि से पढ़ाया जाए)


11. प्रभावी शिक्षक वह है जो-
A. अधिक सूचना दे सकता है
B. कक्षा पर नियंत्रण रख सकता है
C. विद्यार्थियों को अधिगम हेतु अभिप्रेरित कर सकता है
D. आवंटित कार्य का ध्यानपूर्वक संशोधन करता है
Answer :- (विद्यार्थियों को अधिगम हेतु अभिप्रेरित कर सकता है)


12. जे.बी. वाटसन के अनुसार मनोविज्ञान अध्ययन है-
A. व्यवहार का
B. मानसिक अवस्था का
C. चेतना का
D. मन का
Answer :- (व्यवहार का)


13. प्रथम मनोविज्ञान प्रयोगशाला कहां स्थापित की गई थी-
A. बोस्टन में
B. बर्लिन में
C. लिपजिग में
D. फ्रेंकफर्ट में 
Answer :- (लिपजिग में)


14. नवीन ज्ञान की प्राप्ति होती है-
A. ज्ञान हस्तांतरण से
B. रटने से
C. अनुभव हुए नवीन अर्थ खोेजने से 
D. उपरोक्त में से कोई नहीं
Answer :- (अनुभव हुए नवीन अर्थ खोेजने से )


15. शिक्षण का मुख्य उद्देश्य है-
A. केवल चिंतन का विकास
B. केवल तर्क शक्ति का विकास
C. अ और ब दोनों
D. सूचना प्रदान करना
Answer :- (अ और ब दोनों)


16. 'प्रिंसिपल्स ऑफ़ साइकोलॉजी' नामक पुस्तक के लेखक है-
A. वुण्ट 
B. जॉन डीवी
C. विलियम जेम्स
D. एबिँगहाउस
Answer :- (विलियम जेम्स)


17. सृजनात्मकता की विशेषता है-
A. प्रवाहशीलता
B. मौलिकता
C. लचीलापन
D. उपरोक्त सभी
Answer :- (उपरोक्त सभी)


18. शिक्षण प्रक्रिया में कौन स्वतंत्र चर होता है-
A. शिक्षक
B. विद्यार्थी
C. शैक्षणिक वातावरण
D. शिक्षण विधियां
Answer :- (शिक्षक)


19. निम्न में से कौन सा शिक्षण व्यवहार नहीं है-
A. एकतंत्रात्मक शिक्षण
B. निदानात्मक शिक्षण
C. हस्तक्षेप रहित शिक्षण
D. प्रजातांत्रिक शिक्षण
Answer :- (निदानात्मक शिक्षण)


20. शिक्षा मनोविज्ञान का मुख्य केंद्र बिंदु होता है-
A. अधिगमकर्ता एक व्यक्तिक रूप में
B. अध्यापक एक अनुदेशक के रूप में
C. शिक्षण विधि एक व्यूरचना के रूप में
D. परिस्थिति एक वातावरण के रूप में
Answer :- (अधिगमकर्ता एक व्यक्तिक रूप में)


21. निम्नलिखित में से कौन-सा शिक्षा मनोविज्ञान का निहितार्थ एक अध्यापक के लिए सहायक नहीं है-
A. व्यक्तिक विभिन्नता को पहचानने में
B. अधिगमकर्ता के विकासात्मक विशेषताओं को समझने में
C. अधिगम की अभिक्षमता बढ़ाने में
D. कक्षा की समूह गतिशीलता को जानने में
Answer :- (अधिगम की अभिक्षमता बढ़ाने में)


22. एक प्रभावी शिक्षक अपने अधिगमकर्ताओं को सामूहिक क्रियाओं में सम्मिलित करते हैं क्योंकि इससे 'सीखना' सुगम बनाने के अतिरिक्त यह विकास करता है-
A. सामाजीकरण
B. दुश्चिंता
C. मूल्य द्वंद 
D. संघर्ष
Answer :- (सामाजीकरण)


23. शिक्षण सूत्रों का आधार होता है-
A. सामाजिक
B. दार्शनिक
C. मनोवैज्ञानिक
D. वैज्ञानिक
Answer :- (मनोवैज्ञानिक)


24. शिक्षा मनोविज्ञान है
A. अनुप्रयुक्त विज्ञान
B. मानव विज्ञान
C. विशुद्ध विज्ञान
D. इनमें से कोई नहीं
Answer :- (अनुप्रयुक्त विज्ञान)


25. परिवार बच्चे को किस प्रकार से शिक्षा देता है-
A. औपचारिक रूप से
B. अनौपचारिक रूप से
C. नियमित रूप से
D. जानबूझकर
Answer :- (अनौपचारिक रूप से)


26. शिक्षण है-
A. व्यवसायिक गतिविधि
B. द्विमुखी प्रक्रिया
C. त्रिमुखी प्रक्रिया
D. इनमें से कोई नहीं
Answer :- (त्रिमुखी प्रक्रिया)